भारतीय फुटबॉल की नींव और विकास
भारत में संगठित फुटबॉल की शुरुआत 1880 के दशक में हुई जब ब्रिटिश सैनिकों ने कलकत्ता में पहले क्लब बनाए। Durand Cup — एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट में से एक — इसी दौर की देन है। Mohun Bagan ने 1911 में IFA Shield जीतकर एक ऐतिहासिक मील का पत्थर रखा। East Bengal और Hyderabad FC जैसे क्लबों ने देश के
अलग-अलग हिस्सों में इस खेल को नई ऊंचाई दी। बेंगलुरु के खिलाड़ी आज ISL में सबसे ज्यादा सक्रिय हैं, जो 2014 में शुरू हुई इस लीग की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।